Amulya Health

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We provide herbal & ayurvedic treatment for all type of physical weakness

31/07/2026

मेरा आज का पोस्ट सिर्फ और सिर्फ उन लोगों के लिए हैं जो एकदम जवां दिखना चाहते हैं और घोड़े जैसा स्टैमिना चाहते हैं ताकि आपको देखते ही सामने वाला अपनी नजरें ही झुका लें

अगर आप कोई स्पोर्ट्स खेलते हैं आप अपनी उम्र से ज्यादा उम्र के दीखते हैं या फिर आप पलंग भी नहीं हिला पाते हैं और आप अपने शरीर को मजबूत करना चाहते हैं तो आपको क्रीड़ाजड़ी लेना ही सबसे बेहतरीन ऑप्शन है

कीड़ा जड़ी एक बेहद दुर्लभ प्राकृतिक जीव है। इसे न तो पूरी तरह पौधा कहा जा सकता है और न ही केवल कीड़ा। यह वास्तव में एक विशेष प्रकार की फंगस है जो एक विशेष पहाड़ी इल्ली के शरीर पर उगती है।

यह कैसे बनती है?
✓ हिमालय के ऊँचे क्षेत्रों (लगभग 3,000–5,000 मीटर की ऊँचाई) में एक विशेष प्रकार की इल्ली मिट्टी के अंदर रहती है।
✓ Cordyceps नामक फंगस के बीजाणु (spores) उस इल्ली के शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।
✓ फंगस धीरे-धीरे इल्ली के शरीर के अंदर बढ़ती है और अंततः उसे पूरी तरह अपने कब्जे में ले लेती है।
✓ बाद में इल्ली के सिर से एक पतली, भूरे रंग की फंगस बाहर निकलती है।
✓ यही सूखी इल्ली और उसके ऊपर उगी फंगस मिलकर कीड़ा जड़ी कहलाती है।

यह कहाँ उगती है?
भारत के उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम के ऊँचे हिमालयी क्षेत्रों में।
नेपाल, तिब्बत और भूटान में भी बड़ी मात्रा में पाई जाती है।

यह इतनी महंगी क्यों होती है?
✓ साल में केवल कुछ हफ्तों के लिए ही मिलती है।
✓ इसे हाथ से खोजकर इकट्ठा करना पड़ता है।
✓ इसकी उपलब्धता बहुत कम है और मांग काफी अधिक है

फायदे:
✓ ऊर्जा और स्टैमिना बढ़ाने में मदद
✓ थकान कम करने और शारीरिक क्षमता में सुधार में सहायक
✓ यौन स्वास्थ्य का समर्थन
✓ रोग प्रतिरोधक क्षमता
✓ फेफड़ों के स्वास्थ्य के लिए
✓ एंटीऑक्सीडेंट गुण
✓ व्यायाम के बाद रिकवरी
✓ ब्लड शुगर और हृदय स्वास्थ्य

लेने के कुछ सामान्य तरीके
✓ गर्म दूध के साथ : 250–500 mg (या लगभग 1 छोटा टुकड़ा, यदि पूरी सूखी कीड़ा जड़ी हो) रात को सोने से 1–2 घंटे पहले गुनगुने दूध के साथ लें
✓ गुनगुने पानी के साथ सुबह खाली पेट 250–500 mg गुनगुने पानी के साथ

कितने दिन लें?
सामान्यतः 6–8 सप्ताह तक लिया जाता है।
उसके बाद 2–4 सप्ताह का अंतर रखना अच्छा माना जाता है।

आमतौर पर ये लोग इसका उपयोग करते हैं:

✓ खिलाड़ी (Athletes) – स्टैमिना और रिकवरी के लिए।
✓ पर्वतारोही और ट्रेकर्स – ऊँचाई वाले क्षेत्रों में ऊर्जा बनाए रखने के लिए
✓ यौन कमजोरी महसूस करने वाले पुरुष
✓ बार-बार थकान महसूस करने वाले लोग
✓ कुछ बुजुर्ग – सामान्य स्वास्थ्य और ताकत बनाए रखने के लिए
✓ जवां दिखने की चाहत वाले लोग
✓ पलंग तोड़ने की इच्छा रखने वाले लोग

क्या आपने कभी कीड़ाजड़ी का नाम सुना है? यदि हाँ, तो अपना अनुभव कमेंट में ज़रूर साझा करें। इस जानकारी को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें

29/07/2026

मेरा आज का पोस्ट उन लोगों के लिए हैं जो किसी भी कारन से हथियार में तनाव की कमी महसूस कर रहे हैं और अपनी जिंदगी का मजा नहीं ले पा रहे है

अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो आपको सबसे पहले ये टेस्ट करवा कर अपनी कमजोरी का पता करना बहुत जरूरी है

01. Total tastesterone:- यह टेस्ट खून में मौजूद कुल टेस्टोस्टेरोन की मात्रा के बारे में बताता है और इसमें से केवल थोड़ा हिस्सा ही शरीर में सक्रिय रूप से काम करता है

02. Free Tastesterone:- यह टेस्ट खून में टेस्टोस्टेरोन बताता है है जो किसी प्रोटीन से बंधा नहीं होता और शरीर में सीधे काम करता है यह टेस्ट इसलिए किया जाता है क्योंकि कई बार टोटल टेस्टोस्टेरोन नार्मल होता है लेकिन फ्री टेस्टोस्टेरोन कम होता है, तब भी कमजोरी के लक्षण आ सकते हैं।

03. LH (Luteinizing Hormone) :- यह टेस्ट Luteinizing Hormone (अंडकोष को टेस्टोस्टेरोन बनाने के लिए उत्तेजित करने वाला हॉर्मोन) का लेवल बताता है जिससे पता चलता है ताकि अंडकोष सही काम नहीं कर रहे हैं या नहीं

04. FSH Test : यह टेस्ट Follicle Stimulating Hormone (वीर्य के शुक्राणु बनवाने वाला हार्मोन) के बारे में बताता है कि अंडकोष कमजोर तो नहीं हुए है

05. Prolactin Test : Prolactin एक हार्मोन है जो दिमाग की पिट्यूटरी ग्रंथि (Pituitary gland) से निकलता है। पुरुषों में इसकी मात्रा सामान्य रूप से कम होनी चाहिए। अगर यह हार्मोन ज्यादा हो जाए तो यह सेक्स हार्मोन (Testosterone) को दबा देता है और कई समस्याएँ पैदा कर सकता है।

06.Fasting Blood Sugar & HbA1c : ये दोनों टेस्ट डायबिटीज का लेवल जान्ने के लिए किया जाता हैं क्योंकि डायबिटीज ज्यादा होने की वजह से भी हथियार काम करना बंद कर देता है

07. Lipid Profile : यह टेस्ट कोलेस्ट्रॉल का लेवल देखने के लिए किया जाता है क्योंकि कोलेस्ट्रॉल ज्यादा है तो हथियार की नसों में ब्लड फ्लो कम हो सकता है

08. Pe**le Doppler Ultrasound :- यह टेस्ट हथियार की नसों में रक्तप्रवाह चेक करने के लिए जाता है ताकि कहीं हथियार की नसों में सिकुड़न या ब्लॉकेज तो नहीं हो गयी है

09. Vitamin D3 & B12 : कई बार शरीर में इन विटामिन का लेवल कम होने की वजह से भी हथियार में दिक्कत होने लगती है

अब आपको यह भी पता होना होना जरूरी है ताकि कौन सा टेस्ट कब करवाना जरूरी है :

01. Total tastesterone:- यह टेस्ट हर किसी को करवाना चाहिए जो हथियार की कमजोरी से परेशान है

02. Free Tastesterone:- यह टेस्ट हर किसी को करवाना चाहिए जो हथियार की कमजोरी से परेशान है

03. LH (Luteinizing Hormone) :- यह टेस्ट हर किसी को करवाना चाहिए जो हथियार की कमजोरी से परेशान है

04. FSH Test : अगर हथियार की कमजोरी के साथ साथ शुक्राणु में कमी है तो ही ये टेस्ट करवाना चाहिए

05. Prolactin Test : अगर आपकी उम्र 40 से ज्यादा है तो ही ये ही ये टेस्ट करवाना चाहिए

06.Fasting Blood Sugar & HbA1c :
अगर आपकी उम्र 40 से ज्यादा है तो ही ये ही ये टेस्ट करवाना चाहिए

07. Lipid Profile :
अगर आपकी उम्र 40 से ज्यादा है तो ही ये ही ये टेस्ट करवाना चाहिए

08. Pe**le Doppler Ultrasound :- अगर आपको बहुत लम्बे समय से या फिर बहुत ज्यादा दिक्कत है तो ही ये टेस्ट करवाना चाहिए

09. Vitamin D3 & B12 : अगर आपको दवा लेने से भी फायदा नहीं मिल रहा है तो ही आपको यह टेस्ट करवाना चाहिए

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27/07/2026

अगर आप में निचे लिखी हुई आदतों में से कोई भी आदत है तो आपको तुरंत आदत छोड़ने की जरुरत हैं क्योंकि ऐसी आदत होने का मतलब नपुंसकता को आमंत्रित करना है और समय रहते हुए ध्यान देने की जरुरत हैं ताकि आपके ऊपर #नपुंसक का टैग न लगे

26/07/2026

नपुंसकता अचानक नहीं आती, शरीर पहले ही संकेत देना शुरू कर देता है
लेकिन अधिकतर लोग इन संकेतों को शर्म या लापरवाही में नजरअंदाज कर देते हैं
अगर समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो यही छोटी समस्याएं आगे चलकर बड़ी कमजोरी बन सकती हैं
नपुंसकता के शुरुआती संकेत
• संबंध बनाने की इच्छा में कमी महसूस होना
• इरेक्शन आने में समय लगना
• इरेक्शन का बार-बार कमजोर पड़ जाना
• सुबह का नेचुरल इरेक्शन कम होना
• शरीर में कमजोरी और थकान महसूस होना
• आत्मविश्वास में गिरावट आना
• तनाव, चिड़चिड़ापन और चिंता बढ़ना
• वीर्य की मात्रा या ताकत में कमी महसूस होना
किन लोगों में खतरा ज्यादा बढ़ता है?
• जो देर रात तक मोबाइल चलाते हैं
• जो रोज हस्तमैथुन या अश्लील चीजों की लत में हैं
• जो धूम्रपान, शराब या नशा करते हैं
• जिनकी नींद पूरी नहीं होती
• जो व्यायाम नहीं करते
• जिनका खानपान खराब है
• जो हमेशा तनाव में रहते हैं
शुरुआती सुधार कैसे करें?
• रोज 30–45 मिनट व्यायाम करें
• प्रोटीन, फल और हरी सब्जियां बढ़ाएं
• मोबाइल और अश्लील कंटेंट से दूरी बनाएं
• पूरी नींद लें
• तनाव कम करें
• नशे से दूर रहें
• शरीर की कमजोरी को नजरअंदाज न करें
याद रखें
शुरुआत में सुधार करना आसान होता है, लेकिन देर होने पर समस्या गंभीर बन सकती है

25/07/2026

मुझे बहुत से लोग कहते हैं कि हस्तमैथुन और सम्भोग में कोई अंतर नहीं होता,क्योंकि दोनों ही प्रक्रियाओं में वीर्य का डिस्चार्ज होता है।

अगर आप भी यही सोचते हैं, तो एक बार नीचे लिखे हुए अंतर ज़रूर पढ़िए 👇

क्योंकि बाहर निकलने वाला वीर्य एक जैसा हो सकता है,लेकिन शरीर पर उसका प्रभाव बिल्कुल अलग होता है।

✓ हस्तमैथुन में वीर्य का डिस्चार्ज ज्यादा होता है, जबकि सम्भोग में कम होता है।
✓ हस्तमैथुन को अप्राकृतिक माना जाता है, जबकि सम्भोग एक प्राकृतिक प्रक्रिया है।
✓ हस्तमैथुन से प्राइवेट पार्ट में कमजोरी आ सकती है, जबकि सम्भोग में ऐसा नहीं होता।
✓ हस्तमैथुन का मानसिक प्रभाव नकारात्मक हो सकता है, जबकि सम्भोग मानसिक खुशी और सकारात्मकता देता है।
✓ हस्तमैथुन के लिए पार्टनर की जरूरत नहीं होती, जबकि सम्भोग के लिए पार्टनर जरूरी होता है।
✓ हस्तमैथुन से शारीरिक कमजोरी महसूस हो सकती है, जबकि सम्भोग में सामान्यतः ऐसा नहीं होता।

आपका अपना शरीर है आप चाहे तो उसे हिला हिला कर खत्म कर सकते हैं और चाहें तो आप दुनिया को हिला सकते हैं

25/07/2026

आज की पोस्ट उन लोगों के लिए है जो अपनी ज़िंदगी में बिना किसी शॉर्टकट के असली खुशी, बेहतर फोकस और सकारात्मक ऊर्जा लाना चाहते हैं।

अगर आपको लगता है कि हर समय थकान, आलस, मोबाइल की लत या किसी भी काम में मन न लगना आपकी आदत बन चुका है, तो हो सकता है कि आपको अपनी रोज़मर्रा की कुछ आदतें बदलने की ज़रूरत हो।

डोपामिन हमारे दिमाग का एक महत्वपूर्ण केमिकल है, जो मोटिवेशन, फोकस और खुशी महसूस करने में भूमिका निभाता है। इसे बेहतर रखने के लिए महंगे उपाय नहीं, बल्कि छोटी-छोटी अच्छी आदतें काफी मदद कर सकती हैं।

✅ सुबह उठते ही अपना बिस्तर ठीक करें।
दिन की शुरुआत एक छोटी जीत से होगी।

✅ ठंडे या सामान्य ठंडे पानी से स्नान करें।
शरीर और दिमाग दोनों को ताज़गी महसूस होगी।

✅ रोज़ कुछ छोटे-छोटे अधूरे काम पूरे करें।
हर पूरा हुआ काम आपको आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

✅ 10–15 मिनट मेडिटेशन करें।
तनाव कम करने और मन को शांत रखने का आसान तरीका।

✅ अपनी To-Do List बनाइए।
काम पूरा होने पर ✔️ लगाना भी एक अलग संतुष्टि देता है।

✅ अपने लक्ष्य हमेशा नज़र के सामने रखें।
रोज़ उन्हें देखना आपको याद दिलाता है कि आप किस दिशा में जा रहे हैं।

✅ प्रोटीन युक्त संतुलित आहार लें।
दालें, पनीर, अंडे, सोया और मेवे जैसे खाद्य पदार्थ शरीर को आवश्यक पोषक तत्व देते हैं।

✅ हर दिन कुछ नया पढ़ें या सीखें।
नई चीज़ें सीखने से दिमाग सक्रिय और उत्साहित रहता है।

✅ रोज़ 20–30 मिनट बिना किसी रुकावट के एक ही काम पर पूरा ध्यान दें।
थोड़ी देर के लिए मोबाइल से दूरी बनाइए और Deep Focus की आदत डालिए।

याद रखिए, डोपामिन बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका कोई जादू नहीं, बल्कि आपकी रोज़ की अच्छी आदतें हैं। छोटी शुरुआत कीजिए, लेकिन लगातार करते रहिए। कुछ ही हफ्तों में फर्क महसूस होने लगेगा।

24/07/2026

अगर आपको निचे लिखे हुए लक्षणों में से कोई भी लक्षण दिखाई दे रहा है तो आपको तुरंत ध्यान की जरूरत है क्योंकि ऐसे लक्षणों का होना #नपुंसकता की शुरुआत होने का संकेत है समय रहते हुए अपनी सेहत पर ध्यान दें और अपने ऊपर #नपुंसक होने का टैग न लगने दे

बाकी आप खुद समझदार है

17/07/2026

अपनी पार्टनर को टाइम देना, समय पर देना और उसके मनचाहे समय तक देना—यही एक सच्चे पुरुष की पहचान है।

रिश्ते महंगे तोहफों से नहीं, बल्कि साथ बिताए गए समय, सम्मान और अपनापन से मजबूत बनते हैं। जिस रिश्ते में समय की कमी होती है, वहाँ धीरे-धीरे दूरियाँ बढ़ने लगती हैं।

अपने साथी को समय दीजिए, क्योंकि समय ही सबसे अनमोल उपहार है। 💞

16/07/2026

मेरा आज का पोस्ट उन सभी लोगों के लिए हैं जिनको ये लगता है कि हस्तमैथुन और सम्भोग करने में कोई अंतर नहीं है
कुछ लोगों का सवाल होता है कि सर हस्तमैथुन करने से नुक्सान क्यों होता है जबकि हस्तमैथुन और सम्भोग करना एक ही बात हैं क्योंकि सम्भोग और हस्तमैथुन दोनों में वीर्य ही बाहर निकलता है

रोजाना सम्भोग करना नुकसानदायक नहीं है, जबकि रोजाना हस्तमैथुन करना नुकसानदायक है क्योंकि

1. हस्तमैथुन में सम्भोग से ज्यादा वीर्य का डिस्चार्ज होता है.

2. हस्तमैथुन से प्राइवेट पार्ट की नसों पर हाथों की माशपेशियों का दवाब पड़ता है जो नसों को दबाता है और कमजोर करता है.

3. #हस्तमैथुन में प्राइवेट पार्ट की माशपेशियों के डैमेज होने का खतरा ज्यादा रहता है.

4. सम्भोग के समय टेस्टेस्टेरोन हार्मोन एक्टिव होने से तनाव आता है जबकि हस्तमैथुन में तनाव के लिए जबरदस्ती करनी पड़ती है

5. सम्भोग करने से मन खुश होता है जबकि हस्तमैथुन करने से आत्मग्लानि होती है

6. सम्भोग करने से अच्छी नींद आती है जबकि #हस्तमैथुन करने के बाद घबराहट जैसा फील होता है

7. लम्बे समय तक हस्तमैथुन करने से वीर्य पतला हो जाता है और प्राइवेट पार्ट में तनाव आना कम हो जाता है.

8. हस्तमैथुन करने से प्राइवेट पार्ट का विकास रूक जाता है.

14/07/2026

अब ये मत पूछना कि गाडी की सर्विस क्यों जरूरी है 🇦🇪

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