Bk.sharduddin

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bk.sharfuddin

13/02/2024

यह कैसे लिख बतलाऊं मैं ? लिखते हुऐ कलम भी रो पड़ी है।
माँ को कैसे समझाऊं मैं? जो मैरी राह तके खडी है।
खड़ी है उम्मीद और आस मै, जो बेटा बेटा उसका आएगा, देखते ही बोलेगा "माँ" और गले उसे लगाएगा।
अब कैसे उसे बताऊँ मैं ? के मैं तो माँ आ जाऊंगा ।
पर ना तो गले लगाऊंगा, और ना ही " माँ " बोल पाऊंगा।
ये संदेशा सुनके माँ, कैसे चैन से सोएगी?
जो मैरी लाश देख नही सकती, टुकडो से से कैसे कैसे लिपट के रोएगी?
🇮🇳⚔️👮😭

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