Dr Rehan khan
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19/08/2026
लियोनार्डो दा विंची की ‘Codex Leicester’ दुनिया की सबसे महंगी बिकने वाली पुस्तकों/पांडुलिपियों में रिकॉर्ड कायम कर चुकी है और इसे 1994 में बिल गेट्स ने करीब 3.08 करोड़ डॉलर में खरीदा था। यह कोई सामान्य किताब नहीं, बल्कि पुनर्जागरण काल के महान कलाकार और वैज्ञानिक लियोनार्डो दा विंची की हाथ से लिखी वैज्ञानिक पांडुलिपि है। Guinness World Records के अनुसार, 11 नवंबर 1994 को न्यूयॉर्क में इसकी नीलामी 30,802,500 डॉलर में हुई थी, जो उस समय किसी illustrated manuscript के लिए रिकॉर्ड कीमत थी।
Codex Leicester में कुल 18 बड़ी शीट यानी 72 पन्ने हैं। इन पन्नों पर दा विंची ने पानी की गति, भंवर, चंद्रमा की रोशनी, जीवाश्म, भूविज्ञान, खगोल विज्ञान और प्रकृति से जुड़े अपने विचार और चित्र बनाए थे। यह पांडुलिपि लगभग 1500 के दशक की शुरुआत में तैयार की गई थी और इसमें दा विंची की प्रसिद्ध mirror writing यानी उल्टी दिशा में लिखने की शैली भी दिखाई देती है।
इसकी खासियत सिर्फ इसकी उम्र नहीं है। Codex Leicester यह दिखाती है कि दा विंची कला के साथ-साथ विज्ञान और प्राकृतिक घटनाओं को समझने में कितनी गहरी रुचि रखते थे। उन्होंने पानी के बहाव और उसकी गति को समझने के लिए विस्तृत अध्ययन किया। चंद्रमा की चमक और पृथ्वी से दिखाई देने वाली उसकी रोशनी के बारे में भी उन्होंने अपने समय से काफी आगे के विचार लिखे थे।
इस पांडुलिपि का नाम Leicester इसलिए पड़ा क्योंकि 18वीं शताब्दी में इसे Thomas Coke, Earl of Leicester ने खरीदा था। बाद में 1980 में इसे अमेरिकी उद्योगपति Armand Hammer ने खरीदा और कुछ समय के लिए इसे Codex Hammer के नाम से जाना गया। लेकिन 1994 में जब बिल गेट्स ने इसे खरीदा, तो उन्होंने इसका पुराना नाम Codex Leicester वापस कर दिया।
बिल गेट्स ने इसे खरीदने के बाद पांडुलिपि को केवल निजी संग्रह में रखने के बजाय इसके डिजिटल संस्करण को भी लोगों तक पहुंचाने की दिशा में काम किया। आज भी इसके पन्नों को अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शित किया जाता रहा है और दुनिया के लोग दा विंची की मूल लिखावट और वैज्ञानिक चित्रों को देख सकते हैं।
अब आते हैं वायरल दावे पर कि “इसके सिर्फ दो पन्नों की कीमत में एक हेलीकॉप्टर खरीदा जा सकता है।” यह तुलना मनोरंजक जरूर है, लेकिन इसे किसी आधिकारिक मूल्यांकन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। Codex Leicester को अलग-अलग पन्नों के हिसाब से बाजार में बेचने के लिए मूल्यांकित नहीं किया गया है। इसकी असाधारण कीमत पूरी पांडुलिपि की दुर्लभता, ऐतिहासिक महत्व और लियोनार्डो दा विंची की मौलिक लिखावट के कारण है।
एक और जरूरी बात यह है कि “दुनिया की सबसे महंगी किताब” कहना संदर्भ पर निर्भर करता है। Guinness इसे सबसे महंगी illustrated manuscript के रिकॉर्ड के रूप में दर्ज करता है और अपनी सूची में Codex Leicester को सबसे महंगी पुस्तक के रूप में भी बताता है।
यानी वायरल फैक्ट का मुख्य हिस्सा सही है—Codex Leicester लियोनार्डो दा विंची की दुर्लभ 72-पन्नों वाली वैज्ञानिक पांडुलिपि है, इसे 1994 में बिल गेट्स ने रिकॉर्ड $30.8 मिलियन में खरीदा था और यह आज भी दुनिया की सबसे मूल्यवान ऐतिहासिक पुस्तकों में गिनी जाती है। लेकिन “दो पन्नों की कीमत में हेलीकॉप्टर” वाला हिस्सा एक अनुमानित तुलना है, आधिकारिक कीमत नहीं।
सोचिए, करीब 500 साल पहले लिखे गए सिर्फ कागज और स्याही के इन 72 पन्नों की कीमत इतनी ज्यादा क्यों है? जवाब है—इनमें सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि लियोनार्डो दा विंची के असाधारण दिमाग की झलक कैद है।
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