Ayush Darpan Journal
Ayush Darpan offline print magazine (journal) was published as a quarterly health magazine since 2010
13/08/2026
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fans Ayush Darpan
fans Ayush Darpanआयुर्वेद और सही सिद्धांतों के पालन से कैसे एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी में चमत्कारिक परिणाम मिले?
पंजाब की जसकीरत जी सेरेब्रल एट्रोफी (Cerebral Atrophy) नाम की बीमारी से पीड़ित थीं। उनका शारीरिक संतुलन पूरी तरह खो चुका था, स्मृति ह्रास (Memory Loss) हो रहा था और वह बोलने में असमर्थ होकर अवसाद (Depression) में चली गई थीं।
पटियाला से जब वे देहरादून स्थित हमारे केंद्र में आईं, तो हमने वात प्रकोप और रुक्ष गुण को ध्यान में रखते हुए आयुर्वेद के शास्त्रीय सिद्धांतों के आधार पर पंचकर्म एवं मर्म चिकित्सा शुरू की।
चिकित्सा में मुख्य रूप से शामिल था:
✅ नस्य (Nasya Karma) - मस्तिष्कीय विकारों का शमन
✅ शिरोधारा एवं शिरोपिचू (Shirodhara & Shiro Pichu) - वात शमन व तार्किक पोषण
✅ मेध्य रसायन (Medhya Rasayana) - मानसिक क्षमता व स्मृति सुधार
✅ मर्म चिकित्सा (Marma Therapy) - न्यूरोलॉजिकल रिकवरी हेतु
परिणाम:
जसकीरत जी, जो बोल नहीं पाती थीं और चलने में असमर्थ थीं, अब स्वयं अपने पैरों पर चल रही हैं और मानसिक रूप से भी बहुत प्रसन्न और स्वस्थ महसूस कर रही हैं।
यह केस साबित करता है कि यदि रोगी और चिकित्सक दोनों आयुर्वेद के सिद्धांतों का सही पालन करें, तो असंभव लगने वाले रोग भी साध्य हो सकते हैं।
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fans Ayush Darpan🔥 हिंग्वाष्टक चूर्ण vs अविपत्तिकर चूर्ण — कौन सा कब? 🌿
दोनों आयुर्वेद के प्रसिद्ध चूर्ण हैं, लेकिन दोनों का उद्देश्य एक जैसा नहीं है! ⚡
🤔 हिंग्वाष्टक चूर्ण — मुख्यतः वातजन्य पाचन समस्या, गैस, उदर-वात और अग्निमांद्य जैसे लक्षणों में कब उपयोगी माना जाता है?
🔥 अविपत्तिकर चूर्ण — अम्लपित्त, पित्तप्रधान अजीर्ण एवं संबंधित पाचन विकारों में इसकी भूमिका क्या है?
👉 सही चूर्ण का चुनाव रोग, दोष, अग्नि और लक्षणों को समझकर करना अधिक महत्वपूर्ण है।
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💬 Comment करें — “COMPARISON” अगर आप दोनों का विस्तृत तुलनात्मक विश्लेषण चाहते हैं।
Dr. Navin Joshi, MD (Ayurveda)
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09/08/2026
fans
Facial Palsy (अर्दित) में 15 दिन में 80% सुधार? 😳 | Evidence Based Ayurved | Dr Navin Joshi 😳 क्या Facial Palsy (Bell’s Palsy / अर्दित) में आयुर्वेद सहायक हो स...
🌿 क्या आपकी जीभ पर सफेद परत रहती है?
भोजन के बाद भारीपन, गैस, डकार, आलस्य और भूख न लगना — ये केवल सामान्य पाचन समस्या नहीं, बल्कि आम (Ama) के संकेत हो सकते हैं। 😮
आयुर्वेद में आमपाचन को स्वास्थ्य सुधार का पहला कदम माना गया है। इस इन्फोग्राफिक में जानिए —
✅ नागरादि क्वाथ
✅ नागरादि कल्क
✅ हरीतकी चूर्ण
✅ सोंठ चूर्ण
इन पारंपरिक योगों की **विधि, मात्रा, सेवन और उपयोग** सरल भाषा में समझें। 📚
💡 **रील को पूरा देखें, सेव करें और अपने परिवार व आयुर्वेद प्रेमियों के साथ शेयर करें।
👨⚕️ Dr. Navin Joshi MD (Ayu.)
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#आमपाचन
07/08/2026
fans महान आयुर्वेदाचार्य, प्रख्यात रसशास्त्री एवं पद्मश्री से सम्मानित वैद्य बालेन्दु प्रकाश जी को भावभीनी श्रद्धांजलि।
आयुर्वेद, विशेषकर रसशास्त्र के क्षेत्र में आपका अद्वितीय योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। आपने अपने ज्ञान, अनुसंधान, समर्पण और सेवाभाव से आयुर्वेद को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया तथा असंख्य चिकित्सकों, शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार, शिष्यों एवं समस्त आयुर्वेद जगत को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः।
🌿 आयुष दर्पण परिवार की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि।
😳 चेहरा टेढ़ा… आँख बंद नहीं हो रही थी…
और डॉक्टर ने कहा — Facial Palsy (अर्दित)
📍 करनाल, हरियाणा से आए इस रोगी में आयुर्वेदिक परीक्षण के बाद नवन नस्य + मूर्धि तर्पण + विद्ध कर्म का समन्वित उपचार किया गया।
🔥 सिर्फ 15 दिन बाद लगभग 80% सुधार!
🎥 वीडियो में Before ➡️ After बदलाव खुद देखिए।
🌿 Evidence Based Ayurved का उद्देश्य केवल दावा नहीं, बल्कि क्लिनिकल अनुभव और आयुर्वेदिक सिद्धांतों पर आधारित उपचार दृष्टि को साझा करना है।
👇 क्या आपने पहले Bell’s Palsy का ऐसा सुधार देखा है?
Comment में “AYURVED” लिखें 👇
📌 Reel को SAVE करें — यह जानकारी किसी जरूरतमंद तक पहुँच सकती है।
⚠️ यह वीडियो केवल शैक्षणिक एवं जागरूकता उद्देश्य के लिए है। प्रत्येक रोगी की प्रकृति एवं उपचार अलग हो सकता है।
#अर्दित
सिर के इस छोटे से हिस्से पर चोट जानलेवा क्यों मानी गई? 😳🧠
आयुर्वेद में इसे “शंख मर्म” कहा गया है — और इसे सद्योः प्राणहर मर्म की श्रेणी में वर्णित किया गया है।
लेकिन सबसे रोचक बात यह है कि Modern Anatomy भी इस क्षेत्र को अत्यंत संवेदनशील (vulnerable) मानती है। 🔬
📍 इस छोटे से हिस्से के नीचे होते हैं:
✅ Temporal Bone
✅ Temporalis Muscle
✅ Superficial Temporal Artery
✅ Auriculotemporal Nerve
यही कारण है कि इस क्षेत्र की anatomical understanding और clinical assessment बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
⚠️ महत्वपूर्ण सावधानी:
शंख मर्म पर जोरदार दबाव, manipulation या किसी भी invasive procedure को बिना उचित प्रशिक्षण और clinical evaluation के नहीं करना चाहिए।
🎥 इस Reel में जानिए:
🔹 शंख मर्म की सही स्थिति
🔹 इसका Modern Temporal Region से संबंध
🔹 Ayurveda + Anatomy का अद्भुत clinical connection
👉 ऐसे ही Ayurveda + Modern Anatomy को आसान और practical तरीके से सीखने के लिए Ayush Darpan को Follow करें।
💬 क्या आपने पहले “शंख मर्म” के बारे में सुना था? Comment में जरूर बताइए।
📌 Reel को Save करें — Anatomy revision में काम आएगी!
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