santnirankariji
आत्म मंथन* *जीवन कर्म है* *जैसे कर्मों के बीज बोते हैं वैसा जीवन वृक्ष होता है* *नेक कर्मों के बीज हम
12/01/2026
24/12/2025
Dhan nirankar ji